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ग़सीलुल मलाइका हज़रत हन्ज़ला रज़ि ०

रूए ज़मीन पर बहुत सी खुशनसीब हस्तियाँ पैदा हुई हैं जिन्हे अल्लाह रब्बे करीम ने अपने बेशुमार करम से नवाज़ा है।

उनमें भी सबसे खुशनसीब हस्तिया वो है जिन्होंने हमारे प्यारे आक़ा अल्लाह के रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चेहरे का दीदार किया, उनके साथ कुछ लम्हा बिताया, उनके साथ जंगों में शरीक हुए। इन खुशनसीब लोगो को हम अल्लाह के रसूल सल्लललाहु अलैहि वसल्लम के सहाबा के नाम से जानते हैं।

ऐसे ही एक सहाबी हुए जिनको उनकी शहादत के बाद फरिश्तों ने ग़ुस्ल दिया। उन सहाबी का नाम है हज़रत हन्ज़ला रज़ि०। फ़रिश्तो के हाथों ग़ुस्ल पाने की वजह से लोग उन्हें ग़सीलुल मलाइका के नाम से भी जानते हैं।

तो फिर चलिए जानते हैं आखिर क्या ज़रूरत पड़ी की फरिश्तों को उन्हें ग़ुस्ल देना पड़ा ?

कुफ़्फ़ार का मदीने पर हमला

तो ये वाकिया है जंगे उहुद के वक़्त का जब हमारे प्यारे आक़ा अल्लाह के रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चचा सैय्यदिना अब्बास रज़ि० कुफ़्फ़ार के हमले की खबर लाये तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तमाम अहले मदीना को खबर भिजवा दी की जो जिस हालत में है जंग के लिए तैयार हो जाये।

नया नया दूल्हा

अहले मदीना में एक सहाबी थे जिनकी नयी नयी शादी हुई थी और आज उनकी सुहागरात थी। ये खबर सुनकर वो जिस हालत में थे उसी हालत में तैयार हो गए।

चूंकि नयी-नयी शादी हुई थी और जोड़े के बिच हम बिस्तरी हुइ जिसके वजह से उन पर ग़ुस्ल फ़र्ज़ हो गया था और वो बिना ग़ुस्ल लिए ही जंग में शरीक हुए। वो सहाबी थे ग़सीलुल मलाइका हज़रत हन्ज़ला रज़ि ०।

ग़सीलुल मलाइका हज़रत हन्ज़ला रज़ि ० की शहादत

जंगे उहुद के दौरान ग़सीलुल मलाइका हज़रत हन्ज़ला रज़ि ० ने बहुत ही शुजाअत के साथ जंग लड़ी। दौराने जंग वो कुफ़्फ़ार के क़ाइद अबु सुफियान इब्न हर्ब (अभी मुसलमान नहीं हुए थे) को क़त्ल करने के लिए आगे बढ़े।

चूंकि ग़सीलुल मलाइका हज़रत हन्ज़ला रज़ि ० एक पैदल सिपाही थे और अबू सुफियान इब्न हर्ब घुड़सवार थे इस लिए हज़रत हन्ज़ला सिर्फ उनके घोड़े को घायल कर पाए तब तक वहां शद्दाद इब्न अल-अस्वद आ पहुंचा और उसने अबु सुफियान को बचा लिया।

शद्दाद इब्न अल-अस्वद से लड़ते लड़ते हज़रत हन्ज़ला उसी की तलवार से शहीद हो गए।

फ़रिश्तो से ग़ुस्ल मिलना

जंग ख़त्म होने पर लोगो ने देखा कि एक शहीद ऐसा है जिसका जिस्म ज़मीन से थोड़ा ऊपर है और पानी टपक रहा। सभी सहाबियों ने रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से इस मामले के बारे में दरयाफ़्त किया तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि फ़रिश्ते इसे ग़ुस्ल दे रहे हैं। और इसके पीछे की वजह भी बताई।

इस तरह फरिश्तों के हाथों ग़ुस्ल पाने की वजह से वो ग़सीलुल मलाइका के नाम से मशहूर हुए।

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